ब्रज लोक कला एवं शिल्प संग्रहालय में हुआ लोक संगीत कार्यक्रम
ब्रज लोक कला एवं शिल्प संग्रहालय में हुआ लोक संगीत कार्यक्रम
वृन्दावन । छटीकरा-राधाकुण्ड मार्ग बहुलावन स्थित ब्रज लोक कला एवं शिल्प संग्रहालय के सभागार में आयोजित आचार्य विभु महाराज की जयन्ती समारोह के अवसर पर लोक संगीत का कार्यक्रम श्रावण मास के लोकगीतों पर आधारित गायन स्थानीय महिलाओं द्वारा किया गया, कार्यक्रम में बहुलावन क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं ने ढोलक की थाप पर ब्रज के पारंपरिक सावन गीत प्रस्तुत किए, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधायक प्रणत पाल सिंह ने कहा कि ब्रज भाषा और ब्रज संस्कृति बहुत प्राचीन व समृद्ध है यह लोक जीवन की भाषा है भगवान श्रीकृष्ण की अपनी भाषा है, हमें इस पर गर्व है।
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उन्होंने कहा कि डॉ0 उमेश चंद शर्मा द्वारा स्थापित ब्रज लोक कला एवं शिल्प संग्रहालय में ब्रज की संस्कृति, लोककला और पारंपरिक विरासत के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास अनुकरणीय हैं, कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को आमंत्रित कर सावन के पारंपरिक गीत गवाने का यह प्रयास विशेष रूप से सराहनीय है, इससे ब्रजभाषा के पारंपरिक गीत-संगीत को संरक्षित करने की प्रेरणा मिलती है, महाराष्ट्र की सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्रीमती श्रीदेवी आईपीएस ने ब्रज की लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की, ब्रज कला केंद्र के सचिव दीपक गोयल ने कहा कि विभु महाराज की स्मृति में इस प्रकार के आयोजन उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने की दिशा में सराहनीय प्रयास हैं ।
इस अवसर पर बहुलावन क्षेत्र की महिलाओं ने ब्रज के लोक गीत व सावन के गीतों को गाकर सभी श्रोताओं का मन मत्रमुग्ध कर दिया, कार्यक्रम के मध्य गायिका सभी महिलाओं को साड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया, मुख्य अतिथि के रूप में लुधियाना पंजाब से पधारीं समाजसेविका पंजाब रत्न मनप्रीत कौर को संसथान की ओर से ‘‘प्रशस्ति पत्र’’ प्रदान कर सम्मानित किया गया, उन्होंने ब्रज क्षेत्र में अपने आपको पाकर अति प्रसन्नता व्यक्त की और यहां के लोक वाद्य व संगीत को प्राचीन संस्कृति तथा संग्रहालय में रखी वस्तुओं को देख कर आष्चर्य व्यक्त करते हुए इसे भावी पीढी को जोड़ने का प्रयास बताया ।
ब्रजभाषा के जानेमाने कवि अशोक अज्ञ व सत्य प्रकाश शर्मा (सोटानंद) ने ब्रजभाषा में कविता वाचन किया, गीता मर्मज्ञ डॉ0 महेश चंद शर्मा ने गीता पाठ किया, गीता शोध संस्थान के कोऑर्डिनेटर चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने कहा कि संग्रहालय की स्थापना के उद्देश्यों व स्वर्गीय आचार्य विभु महाराज की स्मृति में स्थापित यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को ब्रज की पुरानी जीवनशैली और लोक संस्कृति से परिचित कराने का महत्वपूर्ण प्रयास बताया, ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ. उमेश चंद शर्मा ने सभी मुख्य अतिथियों का परिचय कराते हुए स्वागत किया, कपिल देव उपाध्याय, डॉ0 गोविन्द लाल गोस्वामी, बिहारी शरण जी, सुप्रिया गोस्वामी, पूर्व डीआईओएस डॉ एसपी गोस्वामी, चित्रकार द्वारका प्रसाद, दूध नाथ यादव, उमा शर्मा, आदित्य राज शर्मा, श्रीयष शर्मा, लोक संगीत कार्यक्रम के संयोजक संजय सिंह, अंशुल पाराशर, श्रीमति श्रुति शर्मा, सूरदास ब्रजभाषा अकादमी के निदेशक डॉ केशव शर्मा, राजश्री टंडन के प्रपौत्र वैज्ञानिक शांति भूषण, सुनील शर्मा, मोहिनी कृष्णदासी, सोनम, रामवीर सिंह, दीपक शर्मा, अमित शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित थे ।







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