जन्माष्टमी : मुडिया मेला को पीछे छोड सकता है श्रद्धालुओं का आंकड़ा
जन्माष्टमी : मुडिया मेला को पीछे छोड सकता है श्रद्धालुओं का आंकड़ा
-6 साल में 20 से 75 लाख पहुंचा श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमानित आंकड़ा
-2019 में पहली बार शासन से जारी हुआ था 2.50 करोड़ से अधिक का बजट
मथुरा । मुडिया मेला को ब्रज में सबसे भीड भाड वाला आयोजन माना जाता है, यह मान कर चला जाता है कि यह मेला करोडी है और एक करोड के आसपास श्रद्धालु आ सकते हैं, इसी आंकड़े के इर्द गिर्द व्यवस्थाओं को अंजाम दिया जाता है जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आने वाली भीड में बहुत तेजी से इजाफा हुआ है, एक अनुमान के तहत जिस तरह से यह संख्या बढ़ रही है, उस हिसाब से आने वाले एक दो साल में यह करोड़ी हो जाएगा ।
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इस साल जन्माष्टमी पर मथुरा में 70 से 75 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने, इसके बाद ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन हुआ, बरसाना की लठमार होली, गोवर्धन के मुड़िया मेला और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे में पर्वों पर व्यवस्थाओं को व्यापक पैमाने पर किया जाने लगा, मुडिया मेला को राजकीय मेला का दर्ज दिया गया, वर्ष 2019 में पहली बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियों के लिए अलग से फंड जारी किया गया ।
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प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गईं हैं, इस अवसर पर लगाए जाने वाले भंडारों के लिए भी अनुमति की शर्तें कडी की गईं हैं, साफ सफाई पर विशेष बल दिया गया, यह क्रम निरंतर आगे बढा, व्यापक प्रचार प्रसार और व्यवस्थाएं मिलने से इस अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने लगा, वर्ष 2019 में शासन की ओर से 20 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया था, वर्ष 2025 में यह अनुमान 60 लाख पर पहुंच गया, प्रदेश सरकार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को भव्य तरीके से मनाने के लिए अपनी तरफ से भरपूर सहयोग कर रही है, मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने के लिए 2.50 करोड़ से अधिक का बजट जारी किया था ।
डीएम चंद्रप्रकाश सिंह व एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्लान तैयार किया गया है, ब्रज का यह सबसे बड़ा आयोजन है, वर्ष 2024 में 45 से 46 लाख श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने आए थे, यह आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है, 2025 में 60 लाख के आसपास श्रद्धालु आये थे, वहीं होटल धर्मशालाओं के अलावा आश्रम, गेस्ट हाउस भी श्रद्धालुओं से भरे हुए हैं, शहर के बड़े होटल ऑनलाइन बुकिंग के जरिए फुल हैं, होटल संचालक आर0बी0 चौधरी ने बताया कि प्रति वर्ष जन्माष्टमी पर उत्साह देखने लायक होता है, जिले में 1200 से अधिक होटल और गेस्ट हाउस हैं जबकि 600 से अधिक आश्रम हैं ।







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