वृंदावन शोध संस्थान में सांझी महोत्सव का हुआ शुभारंभ
वृंदावन शोध संस्थान में सांझी महोत्सव का हुआ शुभारंभ
मथुरा । वृन्दावन शोध संस्थान में रविवार को 11 दिवसीय साँझी महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ, महोत्सव के प्रथम दिन रंग, पुष्प, जल एवं पारंपरिक गोबर साझी का प्रस्तुतिकरण, ब्रज की साँझी परंपरा पर एकाग्र प्रदर्शनी का शुभारंभ, ब्रज की सांझी सांस्कृतिक विस्तार विषयक संगोष्ठी एवं ब्रज की सांझी पर केन्द्रित पावर पाइंट प्रस्तुतिकरण आदि कार्यक्रम संपन्न हुए, संगोष्ठी के दौरान ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ0 चन्द्रप्रकाश शर्मा ने कहा कि ब्रज में साँझी उत्सव का विशेष महत्व है, यह चित्रकला का विशिष्ट रूप है, इसकी रचना गाय के गोबर, फूल एवं रंगों से की जाती है, नई पीढ़ी इस कला से दूर होती जा रही है, नई पीढ़ी को इससे जोड़ा जाना आवश्यक है ।.jpg)
प्रिंस ऑफ वेल्स म्यूजियम मुम्बई की पूर्व क्यूरेटर डॉ0 कात्यायनी अग्रवाल ने बताया कि आज नई पीढ़ी को सांझी से जुड़ने के लिए आगे आने की आवश्यकता है, देश भर के विभिन्न शहरों में साँझी कला को लेकर कार्यशालाएं और सेमीनार आदि आयोजित किये जाने की आवश्यकता है जिससे नई पीढ़ी को इस कला परंपरा से अवगत कराया जा सके, डॉ0 भावना व्यास ने बताया कि साँझी पितृ पक्ष में संध्या के समय बनाई जाने वाली कला है, मालवा, निमाड़, राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी पितृ पक्ष में गोबर से संजा नामक लड़की की कहानी को दीवार पर चित्रित किया जाता है, उन्होंने साँझी के दार्शनिक पक्ष पर भी अपने विचार व्यक्त किये, संस्थान के अध्यक्ष आर0 डी0 पालीवाल ने बताया कि संस्थान द्वारा पिछले कुछ वर्षों से लगातार सांझी महोत्सव का आयोजन कर सांझी कला को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे है, उन्होंने सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया, डॉ0 राजेश शर्मा ने ब्रज की सांझी पर केंद्रित पावर पॉइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ब्रज में साँझी की विविधताओं के बारे में चर्चा की ।
इससे पूर्व अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर ब्रज की सांझी पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया, ठा0 बांकेबिहारी के चित्रपट पर माल्यार्पण कर ब्रज की सांझी सांस्कृतिक विस्तार पर केंद्रित संगोश्ठी का शुभारंभ किया गया, संस्थान के निदेशक महोदय द्वारा पटुका उढाकर अतिथियों का स्वागत किया गया, उन्होंने अपने स्वागत वक्तव्य में कहा कि संस्थान द्वारा युवा पीढी को साँझी कला से अवगत कराने को प्रतिवर्ष कार्यशाला, संगोष्ठी एवं सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है, इसके अलावा संस्थान द्वारा साझी केंद्रित प्रकाशन भी किए गए है। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ राजेश शर्मा द्वारा किया गया, डॉ0 संदीप जैन, डॉ0 मनोज मोहन शास्त्री, आदित्य चौधरी, डॉ0 विनोद बनर्जी, सुरेशचन्द्र शर्मा, डॉ0 ब्रजभूषण चतुर्वेदी, डॉ एम वसीम, श्रीहित विशाललाल गोस्वामी, सुधीर शुक्ला एवं संस्थान कर्मी उपस्थित रहे ।



















