सिद्धि विनायक गेस्ट हाउस हादसे में नही हुई लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही
सिद्धि विनायक गेस्ट हाउस हादसे में नही हुई लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही
-विद्युत विभाग और मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण की सामने आ रही है बड़ी लापरवाही
मथुरा (वृन्दावन) । रुक्मिणी विहार स्थित सिद्धि विनायक गेस्ट हाउस में विगत दिनों हुए अग्निकांड को लेकर चौंकाने वाला सच सामने आ रहे हैं, एमवीडीए, विद्युत विभाग सहित अन्य सभी विभागों की विभागीय लापरवाही सामने आ चुकी हैं लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर किसी तरह की कोई कार्यवाही अभी तक नहीं हुई है, विद्युत सुरक्षा विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि गेस्ट हाउस ने विभाग से अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बिना ही बिजली का अस्थायी कनेक्शन चालू करा रखा था, यही लापरवाही आग की बड़ी वजह बनी, वहीं दूसरी ओर गेस्ट हाउस के निर्माणकर्ता द्वारा मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण से सम्पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कराये बिना ही गेस्ट हाउस का उद्घाटन किया गया ।
पिछले दिनों गेस्ट हाउस में उद्घाटन के दिन ही अचानक आग भड़क उठी थी जिसकी चपेट में परिसर में रखा ट्रांसफार्मर आ गया, आग से विद्युत केबिलें पूरी तरह जल गईं और अफरा-तफरी मच गई, जांच में सामने आया कि गेस्ट हाउस संचालक ने 45 किलोवाट कमर्शियल कनेक्शन के लिए आवेदन कर शुल्क तो जमा कर दिया था लेकिन ट्रांसफार्मर चार्ज नहीं जमा कराया गया था, इसके बावजूद अस्थायी कनेक्शन के सहारे गेस्ट हाउस चल रहा था, घटना के बाद विद्युत सुरक्षा विभाग के उप निदेशक प्रवीन कुमार ने सहायक निदेशक निधि जादौन और एसडीओ वृंदावन संदीप वार्ष्णेय के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया ।
जांच में पाया गया कि अस्थायी कनेक्शन के लिए भी विद्युत सुरक्षा विभाग से एनओसी नहीं ली गई थी, प्रारंभिक आख्या में आशंका जताई गई है कि गेस्ट हाउस की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे आग भड़की, हैरानी की बात यह भी सामने आई कि सिद्ध विनायक गेस्ट हाउस में जनरेटर की व्यवस्था तक नहीं थी जिससे बिजली आपूर्ति का कोई सुरक्षित वैकल्पिक इंतजाम नहीं था, निरीक्षण के दौरान जेई सुनील भी मौजूद रहे, पूरी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी गई है ।
सहायक निदेशक निधि जादौन ने स्पष्ट किया कि गेस्ट हाउस ने नियमों की अनदेखी करते हुए बिना एनओसी के अस्थायी कनेक्शन चालू कर रखा था, यह गंभीर लापरवाही है और इसी कारण बड़ा हादसा हुआ, वृंदावन अग्निकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है, अब निगाहें विभागीय कार्रवाई और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं, वहीं दूसरी ओर इस सिद्धि विनायक गेस्ट हाउस के मालिकानों द्वारा मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण से निर्माण कार्य पूरा करने और उसको प्रयोग करने से पहले सम्पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी नहीं कराया था जिसमें विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय जिम्मेदारानों की भी बड़ी लापरवाही सामने आ रही है ।







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