निष्काम कर्मयोगी कृष्ण चंद्र गांधी ग्रंथ का किया गया लोकार्पण
निष्काम कर्मयोगी कृष्ण चंद्र गांधी ग्रंथ का किया गया लोकार्पण
मथुरा । उ0 प्र0 पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान के अशोका अतिथि गृह में एक गरिमामय समारोह में ‘निष्काम कर्मयोगी रू कृष्णचंद्र गांधी’ ग्रंथ का लोकार्पण संपन्न हुआ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया, यह ग्रंथ सरस्वती शिशु मंदिर योजना के जनक तथा शिक्षाविद् कृष्णचंद्र गांधी के प्रेरक व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित है।
इस पुस्तक के लेखक डॉ0 राम सेवक हैं तथा इसका प्रकाशन सरस्वती विद्या मंदिर ब्रज प्रदेश प्रकाशन, माधव कुंज, मथुरा द्वारा किया गया है, उल्लेखनीय है कि डॉ. राम सेवक इसी प्रकाशन संस्थान के निदेशक भी हैं, पुस्तक में कृष्णचंद्र गांधी के जीवन, उनके शैक्षिक चिंतन, संगठनात्मक क्षमता तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान का विस्तृत वर्णन किया गया है ।
इस अवसर पर विद्या भारती ब्रज प्रदेश के संगठन मंत्री हरिशंकर ने राज्यपाल को संस्था की कॉफी टेबल बुक भेंट करते हुए विद्या भारती की गतिविधियों और उपलब्धियों की समग्र जानकारी प्रदान की, उन्होंने कहा कि विद्या भारती ब्रज प्रदेश निरंतर नवीन प्रयोगों और नवाचारों के माध्यम से शिक्षा को जीवनमूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, राष्ट्रीय चेतना और चरित्र निर्माण की भावना विकसित करना भी है ।
नगरीय शिक्षा के प्रदेश निरीक्षक यशवीर सिंह ने विद्या भारती ब्रज प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक तथा शैक्षिक संरचना पर प्रकाश डालते हुए संस्था की व्यापक कार्ययोजना और उसके प्रभाव को विस्तार से प्रस्तुत किया। प्रकाशन प्रभारी अशोक कुमार शर्मा ने कृष्णचंद्र गांधी के व्यक्तित्व की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि वे निष्काम कर्मयोग, सरलता और सात्विक विचारों के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा के प्रसार के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन शिक्षकों और समाजसेवियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।







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