नाव हादसा : सातवें दिन मिला एक और शव, कुल 16 शव हुए बरामद
नाव हादसा : सातवें दिन मिला एक और शव, कुल 16 शव हुए बरामद
-पैंटून पुल से टकराकर पलटी थी नाव, 10 अप्रैल को हुआ था दर्दनाक हादसा
मथुरा । यमुना नदी में 10 अप्रैल की दोपहर को करीब तीन बजे हुए दर्दनाक हादसे में कुल 16 लोगों की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने की है, सर्च ऑपरेशन के दौरान अंतिम शव गुरुवार को नदी से निकाल लिया गया, वृंदावन में यमुना नदी में हुए नाव हादसे के सातवें दिन लापता पंकज मल्होत्रा का शव बरामद हो गया जिससे मृतकों की संख्या 16 हो गई है, अंतिम शव मिलने के बाद प्रशासन ने सात दिनों से चल रहा सर्च ऑपरेशन समाप्त कर दिया ।
गुरुवार की सुबह तलाशी अभियान के दौरान पंकज मल्होत्रा का शव पानी में उतराता हुआ दिखाई दिया जिसके बाद उसे बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया, शव मिलने के बाद नाव हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ।
घटना वाले दिन ही 10 शव नदी से बरामद कर लिये गये थे, घटना वाले दिन ही शाम से ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड टीम ने सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था, दूसरे दिन हादसे के बाद फरार हुए मोटर बोट चालक पप्पू और पेंटून पुल हटा रहे ठेकेदार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था और अगले दिन दोनों को जेल भेज दिया गया, हादसे के पीछे पेंटून पुल के ठेकेदार और नाव चालक की लापरवाही को जिम्मेदार माना गया, दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का अभियोग पंजीकृत किया गया है, हादसे के पीछे प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही के संकेत मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार बिना लोनिवि की मंजूरी के पांटून पुल को हटाकर सामने घाट पर ड्रेजिंग मशीन पहुंचानी थी, पुल हटाने की इसी प्रक्रिया के दौरान बरती गई लापरवाही हादसे का मुख्य कारण बनी जिसकी चपेट में 38 श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट आ गई, लुधियाना, हिसार, मुक्तसर और जगरांव से आए 130 श्रद्धालुओं के दो दलों में से 38 लोग नाव पर सवार थे, जो केसी घाट और बंसीवट के बीच पुल से टकराकर पलट गई, घटना की मजिस्ट्रयल जांच भी शुरू हो गई है, जिला प्रशासन ने 16 वां शव बरामद होने के बाद सर्च आपरेशन को पूरा मान लिया है ।







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