चुनाव : पंचायतों का कार्यकाल हो रहा पूरा, अधूरा है "डलाब घर" का सपना
चुनाव : पंचायतों का कार्यकाल हो रहा पूरा, अधूरा है "डलाब घर" का सपना
मथुरा । उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव वर्ष 2021 में हुए थे, ऐसे में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल मई जून में खत्म हो जाएगा, प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को, जिला पंचायतों का 11 जुलाई और क्षेत्र पंचायतों का 19 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है लेकिन समय पर चुनाव नही होने से यहां प्रशासकों को बैठाने की जरूरत पड़ेगी ।
पंचायतों के वर्तमान कार्यकाल में बडा मुद्दा था कि सभी पंचायतों के पास जब तक अपना डलाब घर नहीं होगा, ग्राम पंचायतों में साफ सफाई का स्तर बेहतर बनाना आसान नहीं है, इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में अपना डलाब घर हो इसके लिए दो साल पहले ही कावायद शुरू कर दी गई दी लेकिन वर्तमान कार्यकाल में यह सपना साकार होता नहीं दिख रहा है, दो साल पहले यह कवायद बडे पैमाने पर शुरू की गई थी कि सभी ग्राम पंचायतों के पास अपना डलाबघर होगा, जहां ठोस और तरल कूड़े का प्रबंध तकनीकी रूप से किया जाएगा ।
यह गांवों की स्वच्छता के लिए मील का पत्थर साबित होगा, ग्राम पंचायतों को व्यवस्थित सचिवालय मिलने के बाद यह दूसरा बड़ा कदम होगा, इसके लिए कलेक्ट्रेट सभागार में तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीणा द्वारा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की समीक्षा बैठक की गई थी, बैठक में व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण, ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के सत्यापन उपरांत उनको धनराशि भेजना, तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य अति शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए, सीडीओ ने निर्देश दिए थे कि जिन ग्राम पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है, तीन दिवस में नायब तहसीलदार, एडीओ, सचिव और प्रधान की टीम लेखपाल की उपस्थिति में ग्राम पंचायत में जमीन तलाश कर पैमाइश करेंगी जिससे अति शीघ्र निर्माण कार्यों को पूरा कराया जा सके ।







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