विश्व मलेरिया दिवस : माइक्रोप्लान से फील्ड में उतरेंगे स्वास्थ्यकर्मी
विश्व मलेरिया दिवस : माइक्रोप्लान से फील्ड में उतरेंगे स्वास्थ्यकर्मी
-सीएमओ ने गोष्ठी में दिलाई शपथ, घर-घर होगा बचाव व उपचार का प्रचार
मथुरा । विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जनपद स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मलेरिया समेत मच्छर जनित रोगों से बचाव और उपचार के तरीकों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई, साथ ही कार्यक्रम में इस वर्ष की थीम “मलेरिया समाप्त करने का संकल्प: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” के अनुरूप मलेरिया उन्मूलन हेतु सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर चर्चा की गई ।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 राधा वल्लभ ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि वे माइक्रोप्लान के अनुसार क्षेत्र भ्रमण करें और गंभीरता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें, उन्होंने कहा कि एक भी केस छूटना नहीं चाहिए, सीएमओ ने कहा कि मलेरिया का मच्छर सामान्यतः शाम और सुबह के बीच काटता है, यह साफ पानी में पनपता है, अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति को मलेरिया का संक्रमित मच्छर काटता है तो वह स्वयं तो संक्रमित होगा ही, दूसरे को भी संक्रमित कर सकता है ।
मच्छर के काटने के बाद इसका परजीवी लीवर के जरिये लाल रक्त कोशिकाओं तक पहुंचता है और संक्रमण पूरे शरीर में फैलने लगता है और यह रक्त कोशिकाओं को तोड़ने लगता है, संक्रमित रक्त कोशिकाएं हर 48 से 72 घंटे में फटती रहती हैं और जब भी फटती हैं बुखार, ठंड लगना और पसीना आने जैसे लक्षण भी सामने आते हैं, सीएमओ ने कहा कि जन-जागरूकता ही मलेरिया से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है, इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को मलेरिया उन्मूलन की शपथ दिलाई गई, साथ ही मच्छरों से बचाव के लिए जनता से अपील की गई कि अपने घरों के आसपास पानी जमा नही होने दें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें ।







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