ठा0 द्वारकाधीश ने चांदी के पालने में दिए दर्शन, होंगे विशेष आयोजन

ठा0 द्वारकाधीश ने चांदी के पालने में दिए दर्शन, होंगे विशेष आयोजन
   मथुरा । मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि अधिक मास के कार्यक्रम 17 मई से प्रारंभ हो गए हैं, सभी कार्यक्रमों का निर्धारण मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 डॉक्टर वागीश कुमार जी महाराज (कांकरोली नरेश, तृतीय पीठाधीश्वर) के द्वारा किया गया है, इसी के तहत, आज प्रातः काल 8.25 से 8.40 बजे तक ग्वाल के दर्शन में ठाकुर जी चांदी के पालने में विराजमान हुए और अपने भक्तों को दर्शन दिए ।
  उन्होंने बताया कि हमारे यहाँ सनातन परंपरा में समय की गणना सूर्य वर्ष और चंद्र वर्ष के हिसाब से की जाती है, चंद्र वर्ष में 354 या 355 दिन होते हैं जबकि सूर्य वर्ष में लगभग 365 दिन होते हैं, इस प्रकार हर वर्ष दोनों में लगभग 10, 11 दिन का अंतर आता है, यह अंतर 3 वर्ष में बढ़कर पूरे एक महीने के बराबर हो जाता है इसीलिए इसे अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) कहा जाता है, चूँकि सनातन धर्म में सभी तिथियों और महीनों का अपना एक विशेष महत्व व नाम है ।
  इसी कारण इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस मास की एक विशेषता यह भी है कि इसमें सूर्य की कोई संक्रांति (राशि परिवर्तन) नहीं होती, इसलिए इसे आम बोलचाल में लौंद का महीना (मलमास) भी कहा जाता है, इस पवित्र महीने में लोगों को अधिक से अधिक दान-पुण्य, धर्म, पूजा अर्चना और पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। इस माह में किया गया थोड़ा सा भी धार्मिक कार्य अत्यधिक फलदायी माना जाता है इसलिए सभी को ठाकुर जी के प्रति अपनी भक्ति भाव से सेवा करनी चाहिए, मंदिर में एक माह तक विशेष मनोरथ होंगे, पूरे वर्ष में जो भी अलग-अलग मनोरथ उत्सव होते हैं, वे सभी इस एक महीने में किए जा सकते हैं। जो भी भक्त अपने आराध्य के लिए कोई मनोरथ कराना चाहते हैं, वे करा सकते हैं; यह श्रृंखला पूरे एक महीने तक जारी रहेगी ।

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