कान्हा की नगरी में सबकुछ राम भरोसे, हादसों से नहीं लेते सबक
कान्हा की नगरी में सबकुछ राम भरोसे, हादसों से नहीं लेते सबक
-वृन्दावन के 22 होटल गेस्ट हाउस को सिर्फ चेतावनी देकर छोड दिया रामभरोसे
-मथुरा वृन्दावन में बिना पंजीकरण, एनओसी के धड़ल्ले से चल रहे हैं होटल, रेस्टोरेंट
मथुरा । मथुरा-वृंदावन जैसी धार्मिक नगरी में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी आगजनी का बड़ा खतरा बन चुकी है, होटलों और रेस्टोरेंट में अग्निशमन उपकरणों की कमी व अवैध निर्माण से श्रद्धालुओं की जान जोखिम में रहती है, रुक्मिणी विहार जैसे पॉश इलाकों में उद्घाटन कार्यक्रमों के दौरान भीषण अग्निकांड हो चुके हैं, प्रशासन के औचक निरीक्षणों में बड़ी संख्या में होटल व धर्मशाला फायर मानकों पर विफल पाए गए हैं, वायरिंग में लापरवाही के कारण अधिकांश आग शॉर्ट सर्किट से लगती है, नियमों को ताक पर रखकर बिना लैंड-यूज़ बदले आवासीय भूखंडों या आश्रमों की जगह पर होटल और रेस्टोरेंट चलाए जा रहे हैं, संकरी गलियों और अवैध अतिक्रमण के कारण आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है ।
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विगत दिनों सात मई को नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्र द्वारा मथुरा एवं वृन्दावन छटीकरा मार्ग से प्रेम मंदिर मार्ग, चैतन्य विहार एवं रूकमणी विहार वृन्दावन क्षेत्रान्तर्गत स्थित 22 होटल, गेस्ट हाउस, सराय जिनमें होटल मिडास, सुख प्यारी धाम, श्री वसुधा धाम, श्री राधा रमन कृष्णा कुंज, श्री धामोदर धाम, अनुकम्पा धाम आदि शामिल हैं का औचक निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इनमें से कई होटल, गेस्ट हाउस, सराय संचालकों द्वारा सराय अधिनियम नीति के तहत पंजीकरण की कार्यवाही पूर्ण नहीं की गयी है ।
गौरतलब हो कि होटल एवं अन्य पूरक आवास (नियंत्रण) विनियमावली 2023 के अन्तर्गत होटल, रिसोर्ट, अतिथि गृह, फार्म स्टे आदि को सराय अधिनियम के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है, इस नियमावली के अनुसार यात्रियों के ठहरने के लिए प्रयुक्त होने वाली सभी इकाईयों का पंजीकरण आवश्यक है, परन्तु निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई होटलों, गेस्ट हाउस आदि में बिना पंजीकरण के कार्यवाही की जा रही है, साथ ही कई में सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है और न ही अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्राप्त की गयी है एवं आगन्तुक पंजिका में अतिथियों की सूचना सही से दर्ज नहीं की गयी है एवं पर्यटन मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है।
इस सम्बन्ध में सम्बन्धित संचालकों को नोटिस देते हुए निर्देशित किया गया है कि सराय अधिनियम के तहत पर्यटन विभाग से पंजीकरण की कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें, अन्यथा की स्थिति में उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, नगर मजिस्ट्रेट ने यह भी अवगत कराया कि सराय अधिनियम नीति के अंतर्गत सभी होटल, सराय, लॉज, मैरिज होम, गेस्ट हाउस एवं होम स्टे आदि आते हैं इन्हें सराय अधिनियम नीति के अंतर्गत पंजीकरण पर्यटन विभाग से करवाना अनिवार्य होता है जिसका निःशुल्क पंजीकरण फार्म किसी भी कार्यालय दिवस में पर्यटन कार्यालय अथवा कलक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है और वहीं फार्म जमा कराना होगा। होटल, सराय आदि के संचालन के लिए पुलिस, खाद्य सुरक्षा, अग्निशमन, पर्यटन, विद्युत, राजस्व, पर्यावरण विभाग व संबंधित नगर निकाय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है एवं उक्त विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के उपरान्त ही सराय एक्ट में नियमानुसार पंजीकरण की कार्यवाही की जाती है, इसके बाद भी हालातों में ज्यादा बदलाव नहीं आया है ।
गौरतलब यह भी है कि इसी साल 11 फरवरी को वृंदावन के 11 फरवरी 2026 को वृंदावन के रुक्मणी विहार स्थित नवनिर्मित सिद्धि विनायक होटल में उद्घाटन के दिन भीषण आग लग गई थी जिससे होटल में फंसे करीब 40 लोगों को क्रेन की मदद से रेस्क्यू किया गया था, इस दर्दनाक हादसे में तीन लोग बच्चे और महिला झुलस गए, और शॉर्ट सर्किट के कारण होटल में अफरा तफरी मच गई थी, डीएम सीपी सिंह ने घटना स्थल का निरीक्षण किया था, इसके बाद प्रशासन की ओर से कहा गया कि होटल मानक विहीन है और एमवीडीए ने भी कार्यवाही की थी ।







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