डायरिया से घबराएं नहीं, ओआरएस और जिंक से करें बचाव
डायरिया से घबराएं नहीं, ओआरएस और जिंक से करें बचाव
-विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया के प्रति किया जागरूक
मथुरा । शुक्रवार को विश्व ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग द्वारा डायरिया के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से आयोजित "डायरिया से डर नहीं" अभियान के तहत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संजीव यादव ने कहा कि डायरिया से डरने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है ।

उन्होंने कहा कि बच्चे को दिन में दो-तीन बार पतले दस्त होने पर तुरंत ओआरएस का घोल और जिंक देना चाहिए क्योंकि यही इसका प्रभावी उपचार है, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ0 रोहिताश सिंह ने पीपीटी के माध्यम से डायरिया की शीघ्र पहचान, ओआरएस और जिंक के सही उपयोग तथा उपचार के प्लान-ए, प्लान-बी और प्लान-सी की जानकारी दी, डीसीपीएम पारुल शर्मा ने कहा कि लोगों को ओआरएस घोल बनाने की सही विधि और उसके उपयोग की समय-सीमा के बारे में भी जागरूक करना जरूरी है, ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके ।
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कार्यक्रम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 राम गोपाल, डॉ0 भूदेव सिंह, डॉ0 विकास जैन, डॉ0 गोपाल बाबू, जिला मातृ स्वास्थ्य सलाहकार मुकेश गौतम, जिला कार्यक्रम अधिकारी योगेंद्र सिंह, बेसिक शिक्षा विभाग से शैलेन्द्र त्रिपाठी, डॉ0 सचिन कुमार, डॉ0 अनुज श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी सी0 पी0 मिश्रा, पीएसआई इंडिया के अजय कुमार, चोब सिंह, देवप्रिय कर सहित सभी चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।







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