सिर्फ पांच हजार ही खर्च कर सकेंगे प्रधान से बने प्रशासक
सिर्फ पांच हजार ही खर्च कर सकेंगे प्रधान से बने प्रशासक
मथुरा । अब ग्राम प्रधान का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासकों को अपनी ग्राम पंचायतों में रूटीन के कार्य कराने में जिलाधिकारी और डीपीआरओ की अनुमति लेने का इंतजार करना पड़ रहा है जिससे ग्रामीणों की समस्याए हल नहीं हो पा रही हैं ।
पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने प्रशासक (ग्राम प्रधानों) को आकस्मिक खर्च के रूप में पांच हजार रुपये अपने पास रखने की स्वीकृति इस शर्त के साथ प्रदान की है कि व्यय होने वाली धनराशि ग्राम निधि में जमा धनराशि, राज्य वित्त आयोग में से वहन किया जायेगा, इस राशि को ग्राम के प्रशासक रूटीन कार्यों पर खर्च कर सकेंगे, डीपीआरओ ने बताया कि साथ ही शासनादेश 29 मई 2026 द्वारा प्रधानों को ग्राम पंचायत में प्रशासक के रूप में नियुक्त करते हुए रूटिन कार्यों की अनुमति प्रदान की गयी है ।
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में पेयजल व्यवस्था हेतु हैण्ड पम्प मरम्मत, सफाई व्यवस्था एवं अतिवृष्टि में जल निकासी का कार्य पंचायत के स्थानीय संशाधनों का प्रयोग कराये जाने की स्वीकृति प्रदान करते हुए समस्त प्रशासक एवं सचिवों को आदेशित किया गया है कि इन आकस्मिक कार्य के पूर्व एवं कार्य के पश्चात की फोटो के साथ उपभोक्ता समूह के वाउचर पर हस्ताक्षर के उपरान्त श्रमिक, मिस्त्री के खाते में एवं सामग्री एवं मशीनरी के भुगतान सम्बन्धित के खाते से किया जायेगा ।







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