मथुरा में पशु पैंठ, मेलाओं पर फिर संकट, लंपी रोग का प्रकोप
मथुरा में पशु पैंठ, मेलाओं पर फिर संकट, लंपी रोग का प्रकोप
-सरकारी आंकड़ों में 100 से ज्यादा गोवंश पीडित, बने अस्थायी आइसोलेशन सेंटर
मथुरा । जनपद में लंपी रोग ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है, सरकारी आंकड़ों के अनुसार एक सैंकड़ा से ज्यादा गोवंश लंपी की चपेट में आ गए हैं, उधर कुछ गोसेवकों द्वारा बनाए एक आइसोलेशन सेंटर में लंपी से ग्रसित गोवंशों का आंकड़ा 24 से पार हो गया है, जनपद में इस सीजन में कई प्रसिद्ध पशु मेला लगते हैं, वहीं साप्ताहिक पशु हाट नियमित रूप से लगती हैं, लंपी का प्रकोप बढने से एक बार फिर मेला और पशु पैंठ पर संकट आ सकता है ।
.jpg)
जिले में लंपी रोग का प्रकोप फैलने के बाद गोपालकों में अफरा तफरी मच गई है, लंपी की चपेट में आने वाले गोवंश के शरीर पर गांठ और संक्रमण के लक्षण सामने आ जाते हैं, कमजोरी की हालत में जल्द ही इससे गोवंश की मौत हो जाती है, पशु चिकित्सा विभाग ने अब तक लंपी के 100 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं, इनमें से 23 मामले सक्रिय हैं जबकि अन्य बीमार गोवंश या तो सही हो गए हैं या उनकी मौत हो गई है, हालांकि इसका सटीक आंकड़ा विभाग के पास नहीं है, इनमें सर्वाधिक मामले वृंदावन क्षेत्र में हैं ।
.jpg)
वहीं गोवर्धन के कुछ गोसेवकों का दावा है कि उन्होंने गोवर्धन क्षेत्र में सड़कों पर घूमते दो दर्जन से ज्यादा से निराश्रित गोवंश जो लंपी से ग्रसित हैं, उनका रेस्क्यू किया है, इनमें से उपचार के दौरान करीब 25 गोवंश मर गए हैं, फिलहाल 10 गोवंशों का उपचार कराया जा रहा है, गोसेवकों ने इन गोवंशों के लिए एक अस्थायी आइसोलेशन सेंटर बनाया है। बीमार गोवंशों की संख्या बढ़ने के कारण इस आइसोलेशन सेंटर किसी दूसरे स्थान पर बनाए जाने की योजना है जिसके लिए गोसेवक मदद जुटा रहे हैं ।
.jpg)







.jpeg)











