भाजपा के झंडे वाली कार सवारों को पांच दिन बचाती रही पुलिस
भाजपा के झंडे वाली कार सवारों को पांच दिन बचाती रही पुलिस
-राजनीतिक रसूख के साये में इंजीनियर को रौंदने का है मामला, आरोपी गिरफ्तार
-पीड़ित इंजीनियर के परिजन पांच दिन तक काटता रहे अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर
मथुरा । मसानी तिराहे पर जाम के दौरान कार की टक्कर का विरोध करना ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग के अवर अभियंता विक्रांत भारती को भारी पड़ गया, आरोप है कि टक्कर का विरोध करने पर एक्सयूवी-300 चालक ने पहले उनके साथ गाली-गलौज की और फिर जान से मारने की नीयत से उनपर वाहन चढ़ा दिया, सड़क पर गिरने के बाद इंजीनियर वाहन के नीचे फंस गए और आरोपी उन्हें करीब 50 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया, गंभीर रूप से घायल इंजीनियर के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक उर्फ विशाल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है ।.jpg)
घटना 31 अगस्त की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे की है, विक्रांत भारती निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के बाद राजीव भवन लौट रहे थे, मसानी तिराहे के पास जाम के दौरान आगरा नंबर की एक्सयूवी-300 (यूपी-80 एफएस-7288) ने उनकी कार में पीछे से टक्कर मार दी जिसपर भाजपा का झंडा लगा हुआ था, विक्रांत के मुताबिक, टक्कर के बाद उन्होंने वाहन से उतरकर चालक से कार में हुए नुकसान को ठीक कराने के लिए कहा, आरोप है कि चालक गाली-गलौज करते हुए वहां से निकलने लगा, विक्रांत ने उसे रोकने का प्रयास किया तो चालक ने वाहन नहीं रोका और उन्हें उसके नीचे फंसा लिया, इसके बाद उन्हें करीब 50 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। (171).jpg)
घटना में विक्रांत गंभीर रूप से घायल हो गए, घटना के बाद उनके पिता जीवनलाल ने गोविंद नगर थाने में प्रार्थना-पत्र दिया, परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, 3 सितंबर को परिजनों ने एसएसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई, इसके बाद घटना का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हुआ, वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने वाहन के नंबर के आधार पर अज्ञात चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया ।
इस मामले में अब कार्रवाई में हुई देरी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, आरोपी दीपक उर्फ विशाल शर्मा के पिता भाजपा से जुड़े रहे हैं और पार्टी में आगरा में पूर्व जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं, ऐसे में घटना के बाद शिकायत दिए जाने के बावजूद शुरुआती दिनों में कार्रवाई नही होने और वीडियो प्रसारित होने के बाद मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी होने को लेकर राजनीतिक रसूख और संभावित दबाव की चर्चा शुरू हो गई है, हालांकि, पुलिस की ओर से कार्रवाई में देरी के पीछे किसी राजनीतिक दबाव की बात नहीं कही गई है, पुलिस का कहना है कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है ।
घटना को अंजाम देने वाले वाहन का नंबर आगरा का होने के कारण पुलिस ने वहां संपर्क कर जानकारी जुटाई, वाहन के नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और दीपक उर्फ विशाल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया, एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया कि मामले के मुख्य अभियुक्त दीपक शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है, उसे न्यायालय में अभिरक्षा के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है, पुलिस जल्द से जल्द साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र दाखिल करेगी, मामले को त्वरित न्याय के लिए निगरानी वाले मामलों की सूची में शामिल कर आरोपी को शीघ्र सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा, अब सवाल यह है कि घटना के बाद शिकायत से लेकर मुकदमा दर्ज होने तक कार्रवाई में देरी क्यों हुई ? क्या आरोपी के राजनीतिक पारिवारिक संबंधों का इस देरी से कोई संबंध था ? इसका जवाब पुलिस की विवेचना और आगे की कार्रवाई से ही सामने आ सकेगा ।



















