बांके बिहारी मंदिर पर फिर हुआ विवाद, सुरक्षा गार्डों ने दिखाई दबंगई
बांके बिहारी मंदिर पर फिर हुआ विवाद, सुरक्षा गार्डों ने दिखाई दबंगई
-श्रद्धालुओं व स्थानीय दुकानदारों से मारपीट का वीडियो वायरल, शांतिभंग की कार्यवाही
वृंदावन । विश्व प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में नजर आया, बांके बिहारी मंदिर के गेट नंबर एक पर रविवार देर रात सुरक्षा गार्डों द्वारा श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है, इधर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 4 सुरक्षा गार्डों एवं 5 व्यापारियों पर शांतिभंग की कार्रवाई की है ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात दर्शन के दौरान किसी बात को लेकर सुरक्षा गार्डों और श्रद्धालुओं के बीच कहासुनी शुरू हुई जो जल्द ही विवाद और फिर मारपीट में बदल गई, पास में मौजूद दुकानदारों ने घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, बताया जा रहा है कि वीडियो बनाए जाने से नाराज गार्डों ने स्थानीय दुकानदारों पर भी हमला बोल दिया।वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटना को लेकर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ।
वही घटना के दूसरे दिन सोमवार को मामला और गरमा गया, जब बड़ी संख्या में महिला सेवायत कोतवाली पहुंचीं। उन्होंने सुरक्षा गार्डों के व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है। महिला सेवायत नीलम गोस्वामी ने सुरक्षा एजेंसी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की और मारपीट में पकड़े गए दुकानदारों को रिहा करने की अपील की। वृंदावन कोतवाली पहुंची महिलाओं का कहना है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए आते हैं, ऐसे में उनके साथ हिंसक व्यवहार न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि मंदिर की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है, उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
सिक्योरिटी कंपनी के बांके बिहारी मंदिर पर इंचार्ज अटल यादव ने बताया कि 20 से ज्यादा दुकानदार सिक्योरिटी गार्ड्स के बैरक पर आ गए थे, इससे पहले मंदिर की शयन आरती के बाद गार्ड बाहर आ गए थे, माइक पर एनाउंस किया जा रहा था कि किसी को ढोक (प्रणाम) मत करने देना, जब तक मंदिर के अंदर मौजूद पब्लिक बाहर न आ जाए लेकिन उसमें से कुछ श्रद्धालु ढोक लेने जा रहे थे जबकि एग्जिट गेट से किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता है, यहीं से विवाद शुरू हुआ, अटल यादव ने बताया कि मारपीट की वजह पब्लिक का उग्र होना है, स्थानीय लोग बैरक में गए और वहां गाली गलौज की गई ।







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