श्रम विभाग की कार्रवाई से दुकानदारों में खलबली, थमाये नोटिस
श्रम विभाग की कार्रवाई से दुकानदारों में खलबली, थमाये नोटिस
मथुरा । जनपद में बाल श्रम के खिलाफ सोमवार को चलाए गए विशेष अभियान में श्रम विभाग की टीम ने शहर के कई इलाकों में छापेमारी की, सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल के निर्देश पर गठित टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर पांच प्रतिष्ठानों से सात बाल श्रमिकों को मुक्त कराया, इस दौरान श्रम विभाग ने बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मौके पर ही नोटिस जारी कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है ।
अभियान के तहत टीम ने कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत सौंख अड्डा, भैंस बहोरा, भरतपुर गेट एवं दरेसी रोड स्थित विभिन्न दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया, कार्रवाई के दौरान पांच प्रतिष्ठानों में छह बाल श्रमिक खतरनाक प्रक्रियाओं में और एक किशोर गैर-खतरनाक कार्य में लिप्त पाया गया, छापेमारी के दौरान कुछ दुकानदारों ने टीम का विरोध करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस बल के सहयोग से उन्हें कानून के प्रावधानों से अवगत कराकर शांत कराया गया।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी एसपी पाण्डेय ने बताया कि बाल श्रमिकों से कार्य कराए जाने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना और तीन साल तक की सजा का प्रावधान है, वहीं किशोरों से नियम विरुद्ध कार्य कराने पर 10 हजार रुपये जुर्माना या तीन माह की जेल हो सकती है, टीम में चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक कृष्ण कुमार सैनी, केसवर्कर नवीन, एएचटीयू के उपनिरीक्षक संदीप राणा, मुख्य आरक्षी योगेश कुमार, जितेंद्र कुमार और महिला मुख्य आरक्षी सुशीला शामिल रहीं, विभाग ने चेतावनी दी है कि बच्चों का शोषण करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी ।







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