खंडेरा घाट की सुगम नहीं है अंतिम यात्रा, गंदे पानी से जाती है शवयात्रा
खंडेरा घाट की सुगम नहीं है अंतिम यात्रा, गंदे पानी से जाती है शवयात्रा
मथुरा । बलदेव से यमुना किनारे खंडेरा घाट जाने में आम जनमानस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, मुख्य मार्ग पर करीब तीन सौ मीटर एरिया में एक एक फिट तक पानी भरा हुआ है, किनारे पर गोबर के ढेर लगे हुए हैं, बरसात के साथ साथ आम दिनों में भी यहां गंदा पानी भरा रहता है, शिकायतों के बाद भी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का इस और कोई ध्यान नहीं है।
बलदेव के करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग अंतिम संस्कार के लिए लोग शव यात्रा लेकर यमुना किनारे बने श्मशान स्थल पर लाते हैं, यमुना जी ले जाने में उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं, सड़क पर गोबर की चिकनाई होने के कारण पैर फिसलने का डर रहता है। ये रास्ता खंडेरा गांव का है,जो ग्राम पंचायत नरहौली जुन्नारदार में पड़ती है,ये यमुना जी जाने का मुख्य रास्ता है, श्मशान घाट खडैरा जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों एक एक फुट पानी, कीचड़ गंदगी से लबा लब भरा हुआ है जिससे लोगों का श्मशान घाट तक जाना मुश्किल हो गया है, करीब तीन सौ मीटर लंबी सड़क पूरी तरह से दलदल बन चुकी है जिसमें दो पहिया वाहन पानी भरा होने के कारण बंद हो जाते हैं,या फिर फिसल जाते हैं।
बलदेव क्षेत्र के गांव नरहौली, अवेरनी, नगला जमुनी, उदय सिंह नगला, जटौरा, हथकोली, किलोनी, छोली, अमीरपुर, हथौड़ा, छिबरऊ आदि दर्जनों गांव के लोग अंत्येष्टि के लिए खड़ैरा घाट स्थिति श्मशान घाट पर लाते हैं, परन्तु मार्ग की हालत देखकर निकलना मुश्किल होता है, ग्रामीणों द्वारा कई बार क्षेत्रीय विधायक, एसडीएम महावन, ब्लॉक प्रमुख बलदेव, खंड विकास अधिकारी को अवगत करा चुके हैं लेकिन आज तक किसी ने इस समस्या की ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया है, बलदेव निवासी विनय अग्रवाल, देव अग्रवाल, बबलू सोनी, राकेश गोयल, तारक नाथ पांडेय, आदेश द्विवेदी, मुकेश अग्रवाल, विशाल गुप्ता, किशोरी पांडेय, बोली सेठ, उदित पांडेय, बादल राज बंसल, राजेश मित्तल ने जिलाधिकारी से इस समस्या के समाधान की मांग की है ।







.jpeg)









