भकियू चढूनी ने की ट्रेड डील की खिलाफत, कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
भकियू चढूनी ने की ट्रेड डील की खिलाफत, कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
मथुरा । भारतीय किसान यूनियन चढूनी ट्रेड डील की खिलाफत में है, संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी कर कोई समझौता किया गया तो देशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, इससे कृषि क्षेत्र में निजीकरण और कॉर्पाेरेट नियंत्रण को बढ़ावा मिलेगा जिससे किसानों की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है, उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर देश की खाद्य सुरक्षा पर भी पड़ सकता है ।
किसानों ने मांग की है कि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री जैसे क्षेत्रों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए, इसके अतिरिक्त, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी दी जाए, भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के कार्यकर्ताओं ने प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील, विशेषकर अमेरिका के साथ संभावित समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया, उन्होंने जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया, जिलाध्यक्ष संजय पाराशर के नेतृत्व में किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे या विचाराधीन व्यापार समझौते देश के कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकते हैं ।
किसानों ने ज्ञापन में बताया कि कृषि क्षेत्र पहले से ही बढ़ती लागत, फसलों के उचित मूल्य की कमी, प्राकृतिक आपदाओं और कर्ज के बोझ जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, उन्होंने आशंका जताई कि यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट मिलती है तो इससे घरेलू किसानों को भारी नुकसान होगा, किसानों का तर्क था कि विदेशों में खेती व्यावसायिक मॉडल पर आधारित है जबकि भारत में यह आजीविका का मुख्य साधन है, ऐसे में सस्ते आयातित उत्पाद भारतीय किसानों की उपज के दाम गिरा सकते हैं। भाकियू (चढ़ूनी) के पदाधिकारियों ने यह भी आशंका जताई कि इन ट्रेड डील्स के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों का दबदबा भी बढ़ेगा ।







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