श्रीराधा गोविंददेव पंचांग का किया विमोचन, प्रमुख देवालयों में होगा समर्पण

श्रीराधा गोविंददेव पंचांग का किया विमोचन, प्रमुख देवालयों में होगा समर्पण
  मथुरा । श्री दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान द्वारा आयोजित मासिक गोष्ठी में ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी द्वारा संपादित श्री राधा गोविंद देव पंचांग का वैदिक विधि विधान के साथ विमोचन किया गया जिसकी अध्यक्षता करते हुए ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान में भारत में ही नहीं विदेशों में भी श्री राधा गोविंद देव पंचांग को लेकर लोगों में भारी उत्सुकता दिखाई देने लगी है और भारतीय ज्योतिष शास्त्र के प्रति लोगों में विश्वास बढ़ रहा है ।
   जनपद के सभी प्रमुख मठ, मन्दिर, आश्रम, देवालयों व ब्रज के पूज्य संतों, धर्माचार्यों, भागवत प्रवक्ताओं, विद्वानों, धार्मिक, सामाजिक क्षेत्र के गणमान्य लोगों को श्री राधा गोविंद देव पंचांग का समर्पण किया जाएगा, गोष्ठी में संस्कृत भारती के अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने कहा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत 2083 से प्रारंभ होने वाले भारतीय काल गणना के अनुसार सभी तिथि, नक्षत्र, योग, पर्व,तीज त्यौहार, व्रत और सभी धार्मिक एवं मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्तों की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रत्येक परिवार में पंचांग का होना अति आवश्यक है, ज्योतिषाचार्य दीपक चतुर्वेदी एवं ज्योतिषाचार्य पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि श्री राधा गोविंद देव पंचांग विगत 36 वर्षों से सभी के सहयोग से निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है ।
  भारतीय काल गणना के अनुसार सूर्य और चन्द्रमा की स्थिति के आधार पर वार तिथि नक्षत्र योग और करण पांच अंगों के माध्यम से शुभ मुहूर्त व्रत त्यौहार व ग्रहों की सटीक जानकारी पंचांग से प्राप्त होती है, साहित्याचार्य शरद चतुर्वेदी, सौरभ शास्त्री ने कहा कि अक्षांश 27,28 एवं रेखांश 77,41 इस पंचांग के आधार स्तम्भ हैं, रामदास चतुर्वेदी शास्त्री ने संचालन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सभ्यता और संस्कारों को सुरक्षित रखने के लिए पंचांग की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, गोष्ठी में ऋषभ देव चतुर्वेदी का उत्साहवर्धन करते हुए विशेष सम्मान किया गया, इस दौरान पंडित निरंजन शास्त्री, मनोज पाठक, मनीष पाठक, तरुण नागर,शरद शास्त्री, ऋषभ देव, गोविंद देव ने श्री राधा गोविंद देव पंचांग की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से पंचांग के प्रकाशन में सहयोग प्रदान करने वालों का आभार व्यक्त किया ।

 

Letest News










Advertisement
Advertisement
About Loktantra

भारत दुनियाभर का एक मात्र ऐसा लोकतांत्रिक देश है जो जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के आधार पर एक अहम स्थान रखता है हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था भी बेमिसाल है यहां ग्राम ,मोहल्ला स्तर से लेकर जनपद, प्रदेश व देश स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित है। राज्य व केंद्रीय शासन द्वारा देश के प्रत्येक जनता की समस्याओं का ध्यान रखते हुए प्रशासनिक व्यवस्थाएं क्रियान्वित की जाती हैं |लोकतंत्र का आगाज उसी लोकतंत्रिक व्यवस्था की कड़ी के रूप में प्रत्येक नागरिक की आवाज का आगाज करते हुए समाचार प्रसारित कर शासन प्रशासन तक समस्याओं को प्रदर्शित कर व शासन-प्रशासन की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने में सजग है।

Total Users: 1693954
Get In Touch

Office : faujadar market, opp. Patiram mandir, sonkh road, krishna nagar, mathura-281004

7417674275

[email protected]

Copyright ©2026 InzealInfotech. All rights reserved.