सोमवार को वृंदावन पहुंची एनडीएमए की टीम, खंगालेगी हादसे के कारण
सोमवार को वृंदावन पहुंची एनडीएमए की टीम, खंगालेगी हादसे के कारण
-गत माह हुआ था यमुना स्टीमर हादसा, पंजाब के 16 श्रद्धालुओं की हुई थी मौत
वृंदावन (मथुरा) । यमुना नदी में बीते माह दर्दनाक स्टीमर हादसा हुआ था जिसमें पंजाब के 16 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी, उसकी गहन जांच के लिए सोमवार को नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) की छह सदस्यीय टीम वृंदावन पहुंची, टीम अगले दो दिनों तक घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की पड़ताल करेगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव तैयार करेगी ।
नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की टीम के साथ एनडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग तथा नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे, टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही संबंधित अधिकारियों से हादसे के समय की परिस्थितियों, बचाव एवं राहत कार्यों तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली, जांच के दौरान टीम यह पता लगाएगी कि हादसे के पीछे तकनीकी खामी, क्षमता से अधिक सवारियां, सुरक्षा मानकों की अनदेखी, मौसम की स्थिति या प्रशासनिक लापरवाही जैसे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार रहे, साथ ही नाव एवं स्टीमर संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी गहन समीक्षा की जाएगी ।
सूत्रों के अनुसार, जांच दल घाटों पर उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू बोट, चेतावनी प्रणाली, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था का भी मूल्यांकन करेगा, टीम संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं प्रत्यक्षदर्शियों से भी बातचीत कर घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाएगी, एनडीएमए की रिपोर्ट के आधार पर यमुना में नौका एवं स्टीमर संचालन के लिए नए सुरक्षा मानक तय किए जाने की सम्भावना हैं, साथ ही घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, यात्रियों की संख्या पर सख्ती से नियंत्रण रखने, लाइफ जैकेट अनिवार्य करने और आपदा से निपटने के लिए स्थायी इंतजाम करने की दिशा में भी सिफारिशें की जाएंगी, गौरतलब है कि बीते माह यमुना नदी में हुए स्टीमर हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था, हादसे में पंजाब के 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे, घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठे थे, अब एनडीएमए की जांच से हादसे के वास्तविक कारण सामने आने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की उम्मीद है ।







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