महाविद्यालयों में हो रहे युवा संवाद कार्यक्रम, युवा ही देश की रीढ़
महाविद्यालयों में हो रहे युवा संवाद कार्यक्रम, युवा ही देश की रीढ़
मथुरा । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की श्रृंखला में श्रावण भाद्रपद माह में युवा संवाद कार्यक्रम होने हैं जिनकी शुरुआत महानगर में श्रीजी बाबा विद्यालय से हुई, युवा संवाद कार्यक्रम के विषय में बताते हुए कार्यक्रम के संयोजक और महानगर के शारीरिक शिक्षण प्रमुख कुशलेश ने बताया कि संघ का इस समय सबसे ज्यादा ध्यान नई युवा तैयार हो रही पीढ़ी को तरफ है ।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चाहता है कि ये युवा पीढ़ी स्वयं के अर्थाेपार्जन के साथ देश सेवा भी कैसे हो इस बारे में सोचे, संघ का मानना है कि किसी भी देश का युवा उस देश की रीढ़ होता है, जिस तरफ देश का युवा झुकाव लेता है संपूर्ण डेढ़ का झुकाव भी उस ओर हो जाता है अतः युवा जो और ज्यादा सावधानी और सतर्कता की आवश्यकता है कि उनकी योग्यता और जोश का इस्तेमाल राष्ट्र हित में हो जिससे अपना देश आगे बढ़े ।
कार्यक्रमों की योजना बना रहे महानगर प्रचारक सचिन ने बताया कि कार्यक्रम में 1 घंटे के शारीरिक के साथ आधे आधे घंटे के दो संवाद सत्र भी रहते हैं जिसमें संघ के वक्ता बंधु अपना विषय रखने के साथ जिज्ञासा समाधान भी करते हैं, शारीरिक कार्यक्रमों में खेल खिलाकर युवाओं को शारीरिक रूप से दृढ़ बनाने के अतिरिक्त खेलों की तरफ आकर्षित करना भी योजना में रहता है, महानगर सह कार्यवाह श्रीओम ने बताया कि पूरे महानगर में 100 कार्यक्रमों का लक्ष्य रखा है जिसमें लगभग 10000 युवा भाग लेंगे, कार्यक्रम में 14 वर्ष से 40 वर्ष तक के विद्यार्थी, व्यवसाई रह सकते हैं ।







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