श्रीमद् मद्भागवत ही भगवान का है मूल स्वरूप
श्रीमद् मद्भागवत ही भगवान का है मूल स्वरूप
मथुरा । श्री मद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर व्यासपीठ से अनेक कथाओं के मनोरम प्रसंग सुनाए, कथा सुनने के लिए जुटे भक्तों ने धैर्य पूर्वक कथा का श्रवण किया और व्यास जी को नमन किया, व्यास पीठ से महाराज ने श्री मद्भागवत की महत्व के बारे में बताया, उन्होंने व्यास पीठ से बताया कि प्रथ्वी पर श्रीमद् मद्भागवत ही भगवान का मूल स्वरूप है ।
अनेक कथाओं का वर्णन करते हुए आज की कथा का विश्राम परीक्षित जी के प्रसंग के साथ हुआ, कथा के मुख्य यजमान राहुल सपरिवार कानपुर से पधारे रीता ने बच्चों के साथ भागवत जी का पूजन किया, भक्तजनों ने मंत्र मुग्ध होकर भागवत जी की लीलाओं का आनंद लिया, कल की कथा में अनेकों प्रसंगों के साथ धु्रव चरित्र तक कथा चलने की संभावना है, विनोद पुरी, नकुल शर्मा, ऋतिक, सियाराम, अमित वर्मा, ऋषिपाल, माताओं में पिंकी, बबली, लता, उमा अपने साथियों सहित आनंदित हुई ।






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