प्रभारी मंत्री ने की महिला बिल की वकालत, विपक्ष पर साधा निशाना
प्रभारी मंत्री ने की महिला बिल की वकालत, विपक्ष पर साधा निशाना
-परिसीमन में देरी का मतलब महिलाओं के आरक्षण में देरी है-संदीप सिंह
मथुरा । प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बेसिक शिक्षा विभाग संदीप सिंह द्वारा गीता शोध संस्थान वृन्दावन स्थित यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय के सभागार में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम एवं महिला जन आक्रोश के सम्बन्ध में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, उन्होंने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर विपक्षी पार्टियों ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है और अपने महिला विरोधी मानसिकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है । उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा कि नीति निर्माण में महिलाओं को भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है, प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा डाली है, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के कड़े आक्रोश का सामना करना पड़ेगा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के झूठ को बेनकाब करते हुए स्पष्ट किया कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि दक्षिण भारत का आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा और बढ़ेगा, परिसीमन एक संवैधानिक दायित्व है जिसे लंबे समय से टाला गया जिससे प्रतिनिधित्व में गंभीर असंतुलन उत्पन्न हुआ है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि परिसीमन का उद्देश्य केवल सीटों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि जनसंख्या के अनुपात में संतुलित व समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है, विपक्ष यह नजरअंदाज कर रहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन सीधे परिसीमन से जुड़ा है, परिसीमन में देरी का मतलब महिलाओं के आरक्षण में देरी है, प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, विधायक मेघश्याम सिंह, एमएलसी ठाकुर ओम प्रकाश सिंह, महानगर अध्यक्ष राजू यादव आदि मौजूद रहे ।







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