बाल संरक्षण, मानव तस्करी रोकथाम व महिला सुरक्षा पर हुई कार्यशाला
बाल संरक्षण, मानव तस्करी रोकथाम व महिला सुरक्षा पर हुई कार्यशाला
मथुरा । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) द्वारा पुलिस लाइन सभागार में मासिक गोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया, कार्यक्रम का पर्यवेक्षण पुलिस अधीक्षक अपराध ने किया जबकि अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी के0पी0 सिंह ने की, कार्यशाला का संचालन प्रभारी निरीक्षक एजेपीयू एवं एएचटी रवि भूषण शर्मा के नेतृत्व में किया गया ।
कार्यशाला में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015, मानव तस्करी की रोकथाम तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम-2013 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने बच्चों के संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा संवेदनशील मामलों में समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर अपने विचार रखे, बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, श्रम विभाग, अभियोजन विभाग, जिला प्रोबेशन एवं बाल संरक्षण इकाई, महिला अपराध प्रकोष्ठ, राजकीय बाल एवं बालिका गृह, वन स्टॉप सेंटर, डीसीआरबी, महिला थाना, जीआरपी, आरपीएफ, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।
अधिकारियों ने बाल श्रम, बाल तस्करी, लापता बच्चों की खोज, संकटग्रस्त बच्चों के पुनर्वास तथा महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में विभागीय समन्वय को और मजबूत बनाने पर जोर दिया, इस दौरान थानों में नियुक्त बाल कल्याण अधिकारियों को भी बच्चों से संबंधित मामलों के त्वरित और संवेदनशील निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, कार्यशाला में यह भी तय हुआ कि बाल संरक्षण और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में सभी संबंधित विभाग नियमित रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे, ताकि जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके, कार्यक्रम का उद्देश्य कानूनों के प्रभावी पालन के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाना और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा ।







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