स्वामी लीलाशाह की तपोभूमि देख गदगद हुए मथुरा के सिंधी

स्वामी लीलाशाह की तपोभूमि देख गदगद हुए मथुरा के सिंधी
-खैरथल में सिंधियों के गांव वल्लभग्राम के इतिहास ने किया रोमांचित
  मथुरा । श्रीझूलेलाल चालिया महोत्सव के अंतर्गत महाराज स्वामी पंडित मोहनलाल शर्मा जी के मार्गदर्शन में तृतीय दिव्य दर्शन यात्रा में शामिल लगभग छ दर्जन सिंधीजन इस बार राजस्थान के खैरथल स्थित वल्लभग्राम में स्वामी लीलाशाह की तपोभूमि कुटिया गए, मंगलवार सुबह दो बसों से निकले ब्रज के सिंधीजन दोपहर सिंधियों के गांव वल्लभग्राम पहुंचे और सांय खैरथल के झूलेलाल मंदिर के दर्शनों का लाभ प्राप्त कर देररात्री वापस भी लौट आए ।
  सिंधीजनों का स्वामी लीलाशाह सेवा समिति और सिंधी पंचायत वल्लभग्राम के लगभग 40 सक्रिय सदस्यों द्वारा सेवाभाव के साथ स्वागत सत्कार किया गया, तदोपरांत सभी ने स्वामी लीलाशाहजी महाराज की दिव्य आदमकद प्रतिमा के दर्शन कर सुकून प्राप्त किया, सभी भक्तजन गदगद हो गए, यहां के स्थानीय बुजुर्ग भक्तों ने स्वामी लीलाशाहजी के सच्चे प्रसंग सुनाएं तो सभी भावविभोर हो गए, सभी ने श्रद्धाभाव के साथ पूजा अर्चना और आरती की और सत्संग किया, स्थानीय सिंधी कलाकारों द्वारा भक्ति गीत प्रस्तुत किए गए जिस पर भक्तगण झूम उठे।
  मीडिया प्रभारी किशोर इसरानी ने बताया कि भारत के विभाजन के समय सिंध प्रांत से विस्थापित होकर आए सिंधी हिंदू परिवारों को 1948 में तत्कालीन सरकार ने पहाड़ियों की ओट में वीरान बंजर भूमि पर बसाया था, उसी दौरान स्वामी लीलाशाहजी जब यहां आए तो उन्होंने इस भूमि को अपनी तपस्या के लिए चुना और 1952 में इस पावन कुटिया का निर्माण करवाया और भूमिगत कक्ष बेसमेंट में रहकर लंबे समय तक कठोर तपस्या की थी। इसी कारण इसे एक जागृत तपोभूमि माना जाता है, जहाँ ध्यान करने से गहरी मानसिक और आध्यात्मिक शांति मिलती है। 
  महाराज स्वामी मोहनलाल शर्मा के साथ वल्लभग्राम खैरथल गए नारायणदास लखवानी, बसंत मंगलानी, जीवतराम चंदानी, सुरेश मेठवानी, जितेंद्र लालवानी, रमेश नाथानी, गीता नाथानी, किशोर इसरानी, अनिल मंगलानी, भगवानदास बेबू , अशोक डाबरा, कन्हैयालाल एडवोकेट, रमेश केवलानी, अशोक लालवानी, जगदीश अंदानी, दिपक टेकवानी, ललित नाथानी, ईश्वर आडवानी, काकूभाई, चेतन खत्री, शंकर, गिरधारी सहित तमाम सिंधीजनों ने इस यात्रा को अद्भुत बताया, इसमें महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उत्साहजनक रही ।

 

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