परिवहन विभाग ने 37 स्कूली वाहनों के काटे चालान, चार सीज
परिवहन विभाग ने 37 स्कूली वाहनों के काटे चालान, चार सीज
मथुरा । परिवहन विभाग द्वारा मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 संचालित किया जा रहा है, इसी क्रम में बुधवार को वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश राजपूत के नेतृत्व में जनपद में स्कूली वाहनों की गहन जांच एवं सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, विगत दिनों स्कूली वाहनों से हुई दर्जनों दुर्घटनाओं का संज्ञान लेते हुए शासन द्वारा यह सख्त अभियान शुरू किया गया है ताकि बच्चों के सुरक्षित आवागमन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जा सके ।
वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन राजेश राजपूत के निर्देशन में सतेन्द्र कुमार सिंह, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन द्वितीय दल), संदीप चौधरी, यात्री कर अधिकारी तथा पूजा सिंह, यात्री कर अधिकारी द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न स्कूली बसों, वैनों एवं निजी या अनुबंधित वाहनों की फिटनेस, परमिट, प्राथमिक उपचार बॉक्स, अग्निशमन यंत्र तथा चालकों की योग्यता व आवश्यक दस्तावेजों की गहनता से जाँच की गई, इस कार्यवाही के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी, अनफिट वाहन संचालन तथा आवश्यक दस्तावेजों के अभाव पाए जाने पर 37 स्कूली वाहनों (बस, ईको) के चालान किए गए तथा 4 स्कूली वाहनों को जिले के विभिन्न थानों में निरुद्ध किया गया ।
इसी क्रम में एआरटीओ कार्यालय द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र प्रेषित कर अनुरोध किया गया है कि वे भी उक्त मिशन को सफल बनाने हेतु अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालय संचालकों, प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को तुरंत निर्देशित करें कि वे अपने स्कूली वाहनों के समस्त प्रपत्र जैसे फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस आदि अविलंब वैध कराएं और बिना वैध प्रपत्रों के किसी भी दशा में स्कूली वाहनों का संचालन न होने दें ।
विभागीय आंकड़ों व जांच सूची के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया है कि जनपद के कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों के अनेक वाहनों की फिटनेस अथवा परमिट की समयावधि समाप्त हो चुकी है, जो बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत चिंताजनक है जिनमें जनपद के प्रमुख विद्यालयों एसपीएस इंटर नेशनल अकेडमी (5 वाहन), रतन लाल फूल कटोरी (10 वाहन), कान्हा माखन पब्लिक स्कूल (7 वाहन), अमरनाथ विद्या आश्रम (6 वाहन), चंदनवन पब्लिक स्कूल (6 वाहन), संविद गुरुकुलम (5 वाहन), श्री बाबूलाल महाविद्यालय (4 वाहन), देहली पब्लिक स्कूल (4 वाहन) शामिल हैं ।
वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन राजेश राजपूत ने सभी अभिभावकों से बेहद सख्त अपील करते हुए कहा है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेपरि है, इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को ई-रिक्शा, वैन या ऑटो से विद्यालय किसी भी कीमत पर नही भेजें, ये वाहन स्कूली बच्चों के परिवहन के सुरक्षित मानकों को पूरा नहीं करते और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, इसके साथ ही अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय संबंधित बस या बड़े वाहन के फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट व चालक के लाइसेंस की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें और किसी भी अनफिट या डग्गामार वाहन का प्रयोग नही होने दें, विभाग द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 25 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान के दौरान सभी डिफ़ॉल्टर विद्यालयों के वाहनों का पंजीयन निलंबन करने के साथ-साथ विद्यालयों की मान्यता निरस्त कराने हेतु जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग को संस्तुति भेजी जाएगी ।







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