शिक्षा की मनुष्य को उतनी ही जरूरत जितनी भूखे को रोटी
शिक्षा की मनुष्य को उतनी ही जरूरत जितनी भूखे को रोटी
मथुरा । अखिल भारतीय समता फाउंडेशन द्वारा "पराधीन भारत में बहुजन आंदोलन" समाज सुधार की अमिट छाप संत गाडगे जी के 150में जन्मदिवस पर पुष्पांजलि सभा एवं मनुष्य के जीवन में शिक्षा का योगदान नामक विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई, मुख्य रूप से पधारे बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष रमेश सैनी एवं दिसंबर दयाल कर्दम ने संत गाडगे जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की ।
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उन्होंने कहा कि संत गाडगे जी ने पराधीन भारत में बहुजनों की शैक्षणिक दशा सुधारने के लिए 131 शिक्षण संस्थान स्थापित किया साथ ही उदारवादी मानवतावादी राजाओं एवं अंग्रेज अफसर से मिलकर सैकड़ो धर्मशाला और घाटों का निर्माण कराया, वंचित वर्ग को मुख्य धारा में लाने का प्रयास किया, इस मौके पर वक्ताओं ने संत गाडगे द्वारा शिक्षा अर्जित करने के लिए उत्साहित करने वाली बातों को आज भी प्रासंगिक बताया ।
वक्ताओं ने बताया कि सन्त गाडगे जी कहते थे चाहे आधी रोटी खाओ पर बच्चों को पढ़ाओ ताली नहीं है तो हाथ पैर रखकर रोटी खाओ लेकिन बच्चों को पढ़ाओ इतना सर गर्वित आंदोलन वर्तमान समय में उनके द्वारा समाज सुधार कुरीतियों एवं आडंबर के खिलाफ चलाएं आंदोलन का महत्व आज भी प्रासंगिक है, इस मौके पर जितेंद्र दिवाकर, रमेश सैनी, दिसंबर दयाल कर्दम, करण दिवाकर, प्रदीप दिवाकर, सुमित कुमार, जितेश कुमार, सोनू दिवाकर, भारत कनौजिया, प्रवीण दिवाकर, ख्याली राम, सरदार महेंद्र सिंह, आकाश बाबू आदि मौजूद रहे ।







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